Suzlon Energy की धमाकेदार तिमाही! Revenue में 42% की छलांग, FII ने हिस्सेदारी बढ़ाकर की 23.73%

Suzlon Energy Limited ने तीसरी तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। अक्टूबर से दिसंबर 2024 की अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत बढ़कर ₹445 करोड़ हो गया जबकि पिछले साल यह ₹389 करोड़ था। राजस्व में 42 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज हुई और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 23.73 प्रतिशत कर दी है।

मुनाफे और राजस्व में जबरदस्त उछाल

Suzlon Energy ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले साल की समान अवधि के ₹389 करोड़ से बढ़कर ₹445 करोड़ पहुंच गया जो 15 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है। इससे भी बड़ी बात यह है कि कंपनी का राजस्व पिछले साल के ₹2,986 करोड़ से 42 प्रतिशत बढ़कर ₹4,228 करोड़ हो गया। यह तेज वृद्धि साफ बताती है कि भारत में पवन ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है और Suzlon अपने ग्राहकों को समय पर उत्पाद पहुंचाने में सफल रही है। कंपनी का EBITDA यानी ब्याज और टैक्स से पहले का मुनाफा भी 48 प्रतिशत बढ़कर ₹731 करोड़ हो गया।

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रिकॉर्ड डिलीवरी और मजबूत ऑर्डर बुक

Suzlon Energy ने इस तिमाही में अपने 30 साल के इतिहास में सबसे ज्यादा 617 मेगावाट की डिलीवरी दर्ज की है। यह कंपनी की उत्पादन क्षमता और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की ताकत को दिखाता है। इतनी बड़ी डिलीवरी के बावजूद कंपनी का ऑर्डर बुक 6.4 गीगावाट पर बना हुआ है जो तिमाही की शुरुआत से भी ज्यादा है। इसका मतलब है कि नए ऑर्डर आते रहे हैं। कंपनी के पास फिलहाल 2.4 गीगावाट की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेपी चालसानी ने कहा कि यह बढ़ता ऑर्डर बुक बाजार में Suzlon के उत्पादों की मजबूत मांग को दर्शाता है।

FII ने बढ़ाया भरोसा और हिस्सेदारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने Suzlon Energy में अपना विश्वास बढ़ाया है। दिसंबर 2024 की तिमाही में FII की हिस्सेदारी बढ़कर 23.73 प्रतिशत हो गई जो सितंबर तिमाही में 22.70 प्रतिशत थी। यह एक प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी है। इस दौरान विदेशी निवेशकों की संख्या भी 763 से बढ़कर 773 हो गई। यह दिखाता है कि दुनिया भर के बड़े फंड मैनेजर Suzlon के भविष्य को लेकर सकारात्मक हैं। FII की बढ़ती हिस्सेदारी शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों के लिए अच्छा संकेत माना जाता है क्योंकि यह दीर्घकालिक विश्वास को दर्शाता है।

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पवन ऊर्जा क्षेत्र में Suzlon की मजबूत स्थिति

Suzlon Energy भारत की सबसे बड़ी पवन ऊर्जा कंपनियों में से एक है जो विंड टर्बाइन बनाती और स्थापित करती है। भारत सरकार 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य रखे हुए है जिसमें पवन ऊर्जा का बड़ा योगदान होगा। Suzlon का मजबूत ऑर्डर बुक और लगातार बढ़ता राजस्व दिखाता है कि कंपनी इस बढ़ते बाजार का फायदा उठा रही है। कंपनी के EBITDA मार्जिन में भी सुधार हुआ है जो 16.6 प्रतिशत से बढ़कर 17.3 प्रतिशत हो गया। यह बताता है कि Suzlon अपनी लागत को नियंत्रित करते हुए मुनाफा बढ़ा रही है। निवेशकों के लिए यह सकारात्मक संकेत है।

Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।